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INDIA
न बाबर का ईमान पक्का, न हुमायूं का, मुगलों ने कैसे सियासी फायदे के लिए मज़हब को बनाया हथियार?

Mughal Empire: मुगलों ने गद्दी को बचाने और सियासी फायदे के लिए किसी भी हद तक जाने से परहेज नहीं किया. सुन्नी बाबर ने ईरान के बादशाह से मदद के एवज में शिया मत अपनाने की शर्त कुबूल की. फिर काम निकल जाने पर पलट गया. हुमायूं भी पिता की राह पर च
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